उद्यानिकी फसल बीमा (2020), खरीफ: छत्तीसगढ़

फसल-बीमा-टमाटर
Crop Insurance

इस लेख, उद्यानिकी फल बीमा (2020) खरीफ: छत्तीसगढ़, में वर्ष 2020 में छत्तीसगढ़ में उद्यानिकी विभाग के द्वारा खरीफ सीजन हेतु कृषकों के फसलों के बीमा से सम्बंधित विवरण दिया गया है। इसे ‘पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना 2020‘ के नाम से जाना जाता है।

1. परिचय

उद्यनिकी फसल

उद्यानिकी फसलों में ऐसे फसल आते हैं जिनका सम्बंध मुख्यतया सब्जी, फल, फूल और कन्द वाली पौधों/फसलों से होती हैं।

फसल बीमा

फसल बीमा एक ऐसी योजना है जो फसल क्षति की दशा में बीमित फसल के आधार पर कृषक को आर्थिक क्षति की प्रत्यक्ष भरपाई करता है।

छत्तीसगढ़ में इस वर्ष, 2020 खरीफ सीजन हेतु कृषक  निम्न उद्यानकी फसलों का बीमा करा सकते हैं:

सब्जी वाली फसल

  • टमाटर।
  • मिर्च।

फल वाली फसलें

  • केला।
  • अमरूद।
  • पपीता।

मसाले वाली फसलें

  1. हल्दी।
  2. अदरक

2. बीमा संरचना

क्रमांकअधिसूचित फसलेंबीमित राशि
(प्रति हेक्ट.), रू.
कृषक अंश रू.
1.टमाटर1000005000
2.बैंगन700003500
3.मिर्च800004000
4.अदरक1300006500
5.अमरूद400002000
6.केला1500007500
7.पपीता1100005500

इसे भी पढ़ें: नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना, छत्तीसगढ़।

3. आवश्यक जानकारी एवं दस्तावेज

  1. जिला*
  2. तहसील*
  3. ग्राम*
  4. मौसम केंद्र का नाम
  5. कृषक का नाम*
  6. पिता का नाम*
  7. मोबाइल नंबर*
  8. आधार नम्बर*
  9. कृषक श्रेणी (लघु/सीमान्त/दीर्घ)*
  10. ऋणी/अऋणी*
  11. वर्ग (ST/SC/OBC/General)*
  12. महिला/पुरुष*
  13. फसल का नाम*
  14. बैंक का नाम*
  15. शाखा का नाम*
  16. बैंक खाता क्रमांक*
  17. पिन कोड*
  18. बीमित रकबा*
  19. बीमित राशि*
  20. जोखिम प्रारंभ दिनाँक
  21. जोखिम अंतिम दिनाँक
  22. दावा भुगतान (रु. प्रति हेक्ट.)
  23. कुल दावा राशि
  24. भुगतान दिनाँक

*कृषक के द्वारा भरा जाना जरूरी है।

इसे भी पढ़ें: कृषि विभाग की योजनाएँ (Chhattisgarh).

4. अधिसूचित फसलें (खरीफ)

कुल 7 फसलों को बीमा हेतु अधिसूचित किया गया है। इनमें सब्जी वाली 2 फसलें, मसाले वाली 2 और फल वाली 3 फसलों को शामिल किया गया है। इनमें प्रमुख हैं- टमाटर, बैंगन, मिर्च, अदरक, केला, अमरूद, पपीता।

5. बीमा इकाई

इस हेतु राजस्व निरीक्षक मण्डल को बीमा की इकाई मानी गयी है।

6. अधिसूचित क्षेत्र

यह योजना छत्तीसगढ़ के सभी 28 जिलों में लागू होगी। जिले के सभी पात्र कृषक इसका लाभ ले सकेंगे।

7. पात्र कृषक

इस योजना का लाभ निम्न. श्रेणी के कृषक ले सकते हैं:

  1. ऋणी कृषक- इसमें भू-धारक और हिस्सेदार दोनों शामिल हैं।
  2. अऋणी कृषक- इसमें भी भू-धारक और हिस्सेदार दोनों शामिल हैं।

7.1 ऋणी कृषक

इन पर यह योजना विकल्प-चयन के रूप में लागू होगी। अगर कोई ऋणी किसान यह योजना नहीं लेना चाहता है तो इस वित्तीय वर्ष में सम्बंधित किसान, जो अल्पकालीन ऋण से लाभान्वित हुए हैं या जिनका अल्पकालीन ऋण नवीनीकरण किया गया है वह स्वतः ही बैंक द्वारा बीमा योजना में परिवर्तित कर दी जायेगी।

किसान को बीमा योजना की अंतिम तारीख के 7 दिनों के अंदर स्व-हस्ताक्षरित घोषणापत्र जमा करना होगा।

बीमा की अंतिम तारीख 15 जुलाई, 2020।

7.2 अऋणी कृषक

समस्त अऋणी किसान इस योजना हेतु पात्र हैं। इस हेतु उनके बुवाई का प्रमाणपत्र ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी से सत्यापित होनी चाहिये।

8. बीमा हेतु चयनित कम्पनी

छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में उद्यानिकी फसलों के बीमा हेतु बजाज एलियांज जनरल इन्सुरेंस कं लिमिटेड को अधिकृत किया गया है।

इसे भी पढ़ें: उद्यानिकी विभाग की योजनाएँ, छत्तीसगढ़।

9. आपदा, आँकलन एवं क्षतिपूर्ति

इसमें दो तरह के आपदा हैं:

  1. ओलावृष्टी।
  2. चक्रवाती हवाएँ।

सब्जी वाली फसलों जैसे- टमाटर, तथा मिर्ची के लिए ओलावृष्टि एक आपदा रूप में शामिल है। वहीं केला, पपीता चक्रवाती हवाओं के संदर्भ में शामिल हैं।

इन आपदाओं के 72 घंटो के अंदर किसान स्वयं सम्बंधित कम्पनी व विभाग को सूचित कर सकता है। कम्पनी का Tol Free Number 1800-209-5959 है। वहीं सम्बंधित विभाग के द्वारा कम्पनी को 48 घंटो के अंदर सूचित किया जाएगा। सूचना में निम्न. बिन्दु अनिवार्यतः शामिल होंगे:

  • किसान का नाम।
  • पिता का नाम।
  • फसल का नाम।
  • कुल बीमित रकबा।
  • क्षति का कारण।
  • क्षति की मात्रा/प्रतिशत।

आवेदन प्राप्ति के पश्चात बीमा कम्पनी के द्वारा 7 दिवस के अंदर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण पश्चात एक आँकलन बनाया जायेगा। अधिकतम 15 दिनों के अंदर सत्य पाए गए प्रभावित कृषकों को क्षतिपूर्ति राशि प्रदाय की जाती है।

10. Frequently Asked Questions

प्रश्न 01. निम्नतम कितने रकबे का बीमा कराया जा सकता है?

उत्तर: निम्नतम 0.100 हेक्ट. रकबे का बीमा कराया जाना चाहिए।

प्रश्न 02: अधिकतम कितने रकबे का बीमा कराया जा सकता है?

उत्तर: इसकी कोई सीमा तय नहीं की गई है। कृषक अपनी आर्थिक क्षमता अनुसार एक बड़े रकबे का बीमा करा सकता है।

प्रश्न 03. बीमा कराने की आसान और पूरी प्रक्रिया क्या है?

उत्तर: इसकी प्रक्रिया बहुत ही आसान है। सबसे पहले बताये गये आवश्यक दस्तावेज जमा करनी चाहिए। इसके पश्चात अपने क्षेत्र के ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी से सम्पर्क करें। सम्बंधित अधिकारी को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें तथा उनके अनुसार जरूरी औपचारिकताओं को पूरी करें।

प्रश्न 04. क्या प्रत्येक दशा में बीमा की राशि लाभ के रूप में मिलती है?

उत्तर: नहीं, केवल फसल क्षति की दशा में ही क्षतिपूर्ति हेतु आवेदन की जा सकती है। यहाँ सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फसल क्षति की दशा में किसान द्वारा कोई प्रतिक्रिया न देने पर भी विभाग द्वारा क्षति आँकलन का रिपोर्ट बीमा कम्पनी को भेजी जाती है।

प्रश्न 05: अधिकतर दशाओं में किसानों को क्यों नहीं मिल पाता बीमा का लाभ?

उत्तर: इसका मुख्य कारण है किसान द्वारा उदासीनता। कई दशाओं में यह देखने में आता है कि कृषक फसल क्षति के पश्चात भी उसका claim करने में स्वयं ही उदासीनता दर्शाते हैं। अतः उन कृषकों से निवेदन है कि बीमा कराने के पश्चात, फसल क्षति की स्थिति में अवश्य ही claim करें।

संदर्भ: संचालनालय उद्यानिकी नवा रायपुर, पत्र क्रमांक- 1427, दिनाँक- 26-06-2020.


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Moti Ram
Moti Ram
2 months ago

Claim ki rashi nhi milti. Sab yojna aur company fraud hote Hain….

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