कृषि स्थायी समिति: Krishi Sthayi Samiti

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Krishi Samiti

परिचय: कृषि स्थायी समिति (krishi Sthayi Samiti)

कृषि स्थायी समिति या ‘Krishi Sthayi Samiti, अंग्रेजी में’; एक वैध या मान्यता प्राप्त समिति होती है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर स्थानीय सरकार (जनपद पंचायत) व महत्वपूर्ण वरिष्ठ विभागों की अनुशंसा पर गठित समर्थतक एक महत्वपूर्ण समिति है।

अर्थ

कृषि स्थायी समिति का अर्थ ऐसी समिति से है जो कभी भंग नहीं होती, अर्थात् यह कभी किसी कारण से टूटती नहीं है। इसमें शामिल सदस्य समय के साथ बदल सकते हैं परंतु इसे कभी भंग नहीं किया जा सकता है। जिस तरह सरकार के महत्वपूर्ण विभाग स्थायी हैं, ठीक उसी तरह अपने नाम के अनुसार ही इसे स्थायी प्रवृत्ति प्रदान की गई है।

संख्या

प्रत्येक ब्लॉक या विकासखण्ड में इस तरह की एक ही समिति गठित की जाती है। ग्राम पँचायत स्तर पर इस तरह की मान्यता प्राप्त कोई समिति गठित नहीं होती हैं। हालाँकि, ग्राम पँचायतों की कुछ बैठकों में स्थायी समिति  से सम्बंधित विभागों के कर्मचारी/सदस्य अवश्य होते हैं।

कृषि स्थायी समिति के सदस्य

कृषि स्थायी समिति के निर्माण के लिए सरकार के विभिन्न विभागों से अधिकारी/कर्मचारी तथा स्थानीय नेताओं को शामिल किया जाता है। साथ ही प्रगतिशील कृषकों की भागीदारी भी निःसंदेह अहम होती है।

इस समिति में निम्न. सदस्य होते हैं:

  • सरकारी विभाग।
  • स्थानीय नेतागण।
  • प्रगतिशील कृषक।
  • अन्य कृषक।

सरकारी विभाग

इस समिति में सरकार के उन सभी महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी शामिल होते हैं जिनका प्रत्यक्ष सम्बंध कृषि और किसानों से है। इनमें निम्न. विभागों के अधिकारी शामिल होते हैं:

  1. कृषि विभाग (Department of Agriculture): कृषि विभाग से वरिष्ठ विकास अधिकारी (SADO or Senior Agriculture Development Officer) समिति के सदस्य होते हैं। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के बारे में जानने के लिए यहाँ जायें

ग्राम पँचायत के बैठकों में field officer, जैसे- कृषि विकास अधिकारी या उनके जगह ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO or Rural Agriculture Extension Officer) शामिल होते हैं।

  1. उद्यान विभाग (Department of Horticulture) : उद्यान विभाग से वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी (SHDO or Senior Horticulture Development Officer) समिति के सदस्य होते हैं। वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी के बारे में जानने के लिए यहाँ जायें।

ग्राम पँचायत के बैठकों में field officer, जैसे- उद्यान विकास अधिकारी या उनके जगह ग्रामीण उद्यान विकास अधिकारी (Rural Horticulture Extension Officer) शामिल होते हैं।

  1. पशुपालन विभाग (Department of Animal Husbandry): पशुपालन विभाग से पशु सहायक शलयज्ञ (VAS or Veterinary Assistant Surgeon) समिति के सदस्य होते हैं।

ग्राम पँचायत के बैठकों में field officer, जैसे-  VFO or Veterinary Field Officer या Veterinary Assistant Field Officer शामिल होते हैं।

  1. मतस्य पालन विभाग (Department of Fisheries): मतस्य पालन विभाग से Fisheries Officer शामिल होते हैं। इस विभाग में अधिकतर स्टाफ की कमी होती है, और यही कारण है कि ग्राम पँचायत के बैठकों में भी कई बार विकासखण्ड स्तर के अधिकारी ही शामिल होते हैं।

स्थानीय नेतागण

समिति में सम्मिलित नेतागण के रूप में वर्तमान में चयनित नेतागण ही शामिल होते हैं। इसमें निम्न. प्रतिनिधि शामिल होते हैं:

  • जनपद सदस्य।
  • सभापति, जनपद सदस्य।

जनपद सदस्य

जनपद सदस्यों को अपने क्षेत्र के प्रतिनिधि के तौर पर समिति के सदस्य के रूप में शामिल किया जाता है। वे अपने क्षेत्र में समिति के माध्यम से कृषि विकास का कार्य देखते हैं। एक समिति में 4 – 5  या इससे ज्यादा जनपद सदस्य होते हैं।

सभापति, जनपद सदस्य

जनपद सदस्य का सभापति ही कृषि स्थायी समिति का  अध्यक्ष होता है।

प्रगतिशील एवं अन्य कृषक

सम्बंधित विकासखण्ड के अंतर्गत आने वाले अलग-अलग ग्रामों से प्रगतिशील कृषकों का चयन कर उन्हें समिति में शामिल किया जाता है। इन कृषकों से अपेक्षा होती है कि वे अन्य कृषकों की स्थिति सुधार करने में मदद करें। इनके द्वारा वर्तमान में खेती की विधियों और उन्नत तकनीकी के प्रयोग का अनुभव बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों से share किया जाता है। साथ ही दोनों वर्ग के कृषकों द्वारा कृषि से सम्बंधित वर्तमान और संभावित समस्याओं से विभागों को अवगत कराया जाता है, तथा उचित निराकरण की बात रखी जाती है।

कार्य

इस समिति में सम्मिलित विभिन्न सदस्यों का कार्य भिन्न होता है।

कृषि विभाग के कार्य एवं रिपोर्ट

  • विभाग द्वारा संचालित कार्यों का समुचित क्रियान्वयन।
  • संचालित व क्रियान्वित कार्यों का संचालन।
  • वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा सम्पन्न कार्यों का समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करना व वर्तमान योजना से समिति को अवगत कराना।
  • समिति द्वारा तय दिशा-निर्देशों का पालन करना।

उद्यान विभाग के कार्य एवं रिपोर्ट

  1. विभाग द्वारा संचालित कार्यों का समुचित क्रियान्वयन।
  2. संचालित व क्रियान्वित कार्यों का संचालन।
  3. Senior Horticulture Development Officer द्वारा सम्पन्न कार्यों का समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करना व वर्तमान योजना से समिति को अवगत कराना।

पशुपालन विभाग के कार्य एवं रिपोर्ट

कृषि व उद्यान विभाग के समान ही।

Veterinary Assistant Surgeon के द्वारा सम्पन्न कार्यों का समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करना व वर्तमान योजना से समिति को अवगत कराना।

मतस्य विभाग के कार्य एवं रिपोर्ट

कृषि व उद्यान व पशुपालन विभाग के समान ही। Fisheries Officer के द्वारा सम्पन्न कार्यों का समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करना व वर्तमान योजना से समिति को अवगत कराना।

सभापति के द्वारा इन सभी विभागों के कार्य संपादन हेतु दिशा-निर्देश दिया जाता है, तथा सभी कार्यों की समीक्षा की जाती है।


इस पोस्ट से सम्बंधित टिप्पणियाँ

प्रगतिशील कृषक

प्रगतिशील कृषकों से तात्पर्य कृषकों के ऐसे समूह होती है जो फसल उत्पादन में आधुनिक तकनीक व विधियों का उपयोग करते हैं। उदाहरण- ड्रीप सिंचाई, संरक्षित खेती।

समीक्षा रिपोर्ट

यह रिपोर्ट किसी कार्य के निरीक्षण व अवलोकन से सम्बंधित होती है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 01. किन-किन स्तरों पर कृषि स्थायी समिति की स्थापना की जाती हैं?

उत्तर: मुख्यतः ब्लॉक और जिला स्तर पर कृषि स्थायी समिति की स्थापना की जाती है।

प्रश्न 02. क्या यह समिति कृषकों को प्रत्यक्ष लाभ के रूप में सामग्री प्रदान करती है?

उत्तर: नहीं, यह कृषकों के समस्याओं का निराकरण करती है।

प्रश्न 03. समिति की बैठक कब आयोजित की जाती है?

उत्तर: सामान्य तौर पर इनकी बैठक मासिक होती है, लेकिन कहीं-कहीं साप्ताहिक हो सकती है।उत्तर:


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