नरवा गरवा घुरवा बाड़ी अंतर्गत गोधन न्याय योजना, छत्तीसगढ़: Godhan Nyay Yojana

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गोधन न्याय योजना

गोधन न्याय योजना

छत्तीसगढ़ की वर्तमान सरकार के द्वारा किसानों के लिये पूर्व में ही अति महत्वपूर्ण योजना ‘नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी योजना’ का सुभारम्भ किया जा चुका है। इसी क्रम में किसान हित में एक और महत्वपूर्ण योजना का सुभारम्भ आज दिनाँक, 20-07-2020 को सभी गोठानों में हरेली के शुभ किया गया।

इस महत्वपूर्ण योजना को नाम दिया गया है “गोधन न्याय योजना” अर्थात गोवंशीय पशु पालकों को उनके पशुधन जिनमें गाय, बैल, भैंस एवं बकरी शामिल हैं के बाह्य उत्पादों (Ex-prodcts) जैसे गोबर (गोबर की खाद) की खरीदी सरकारी एजेंसियों के द्वारा एक निश्चित दर पर की जानी है। इस तरह राज्य सरकार के द्वारा किसानों के साथ की गई यह एक अतिमहत्वपूर्ण आर्थिक न्याय है।

गोठान के बारे में जानने के लिए पढ़ें – ‘नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी‘।

समिति द्वारा गोबर की खरीदी

क्या है गोधन न्याय योजना?

यह छत्तीसगढ़ की वर्तमान सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक योजना है, जिसका सम्बंध कृषकों से है। इसका सुभारम्भ आज दिनाँक 20-07-2020 को किया गया। इस योजना के अंतर्गत किसानों से एक तय दर पर गोबर की खरीदी की जाती है।

किस दर पर की जाती है खरीदी?

राज्य सरकार द्वारा सभी गोठान समितियों को कृषकों से गोबर खरीदी हेतु निर्देश दिए गये हैं। सभी गोठानों में गोबर खरीदी के लिए एक राशि तय की गई है जिसके दर सभी गोठानों के लिए एक है।

गोठानों में कृषकों से गोबर खरीदी की दर-

2 रू. प्रति किलो

इसमें परिवहन दर भी शामिल किया गया है।

सबसे महत्वपूर्ण और ध्यान रखने वाली बात यह है कि गोठान समिति के द्वारा सिर्फ उन्ही ग्राम विशेष के कृषकों से ही गोबर की खरीदी जायेगी जिस ग्राम पँचायत के अंतर्गत गोठान आती है।

कब की जाती है खरीदी?

कृषकों से गोबर खरीदी हेतु गोठान समिति के द्वारा सप्ताह में तय दिवस को ही गोबर की खरीदी की जाती है। अतः सम्बंधित कृषकों को गोठान समिति से इसके बारे में जानकारी ले लेनी चाहिए।

कहाँ उपयोग किया जाता है?

खरीदे गए गोबर का उपयोग गोठान समिति के द्वारा Farm Yard Manure और Vermicompost बनाने में की जाती है। उनके द्वारा तैयार खाद का उपयोग सरकारी विभागों जैसे उद्यनिकी विभाग, कृषि विभाग, कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्र इत्यादि जगहों में की जाती है।

क्या हैं इसके महत्व?

  1. भविष्य (Scope)।
  2. बेरोजगारों हेतु अवसर।
  3. भूमिहीन हेतु अवसर।
  4. चरवाहों हेतु अवसर।

भविष्य

इसके Scope को हम भविष्य के संदर्भ में समझेंगे। आज वर्तमान में रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग तय सीमा से ज्यादा मात्रा में की जा रही है। यह सूक्ष्म-जलवायु (Micro Climate) के साथ ही एक बहुत बड़े क्षेत्र को प्रभावित करते हैं। वर्तमान में इनके दुष्परिणामों को कैंसर जैसी बड़ी बीमारियों के रूप में देखी जा सकती है। अतः वर्तमान समय की आवश्यकता इन रासायनिक खादों के विकल्पों के प्रयोग है।

परन्तु भविष्य में को विकल्प नज़र न आने की वजह से Organic खादों का उत्पादन कभी Grow कर ही नहीं पाया।

चूँकि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार अपने विभागों के माध्यम से इनकी खरीदी करने का एक प्रोग्राम बना चुकी है अतः अब इस राज्य के कृषकों और पशु पालकों के पास खाद उत्पादन के क्षेत्र में आगे बढ़ने का एक अवसर आने वाले वर्षों में उपलब्ध रहेगा।

बेरोजगारों हेतु अवसर

Thanks to this Scheme from government. There would always be a chance for the unemployed one.

एक व्यक्ति व्यक्तिगत तौर पर या कुछ और लोगों के साथ व्यवसाय के तौर पर इसे प्रारम्भ कर सकता/सकते हैं। इसमें उनके पास निम्न. अवसर रहेंगे-

  1. गोबर खाद उत्पादन (FYM Production)।
  2. केंचुआ खाद निर्माण (Production of Vermicompost)।

गोबर खाद का निर्माण लगभग सभी कृषकों के द्वारा अपनी बाड़ी में की जाती है। वर्मीकम्पोस्ट के उत्पादन की विधि समझने के लिये नीचे दिए गये लेख को पढ़े।

【-Production of Vermicompost– {इस लेख को हिंदी में पढ़ने के लिए Google Translate (Ref. 01) का उपयोग करें।}】.

उत्पादन पश्चात इसी खाद को गोठानों को बेचा जा सकता है।

भूमिहीन हेतु अवसर

जिनके पास भूमि नहीं हैं ऐसे कृषक मैदानों, खेत के मेड़ों, चरागाहों, सड़कों इत्यादि संभावित जगहों से गोबर एकत्रित कर गोठानों में विक्रय कर सकते हैं।

चरवाहों हेतु अवसर

चरवाहों के पास चराने के लिए एक गाँव के लगभग सभी गोवंशीय पशु होते हैं। वे प्रतिदिन इन पशुओं से प्राप्त गोबर को इक्कठा कर गोठानों में विक्रय कर सकते हैं।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 01. गोबर की गुणवत्ता के मापदण्ड क्या हैं?

उत्तर: गोबर अर्द्ध सूखा होनी चाहिए। यह गिला न हो। ताजा गोबर की खरीदी नहीं की जाती।

प्रश्न 02. कितनी मात्रा में गोबर की खरीदी समिति द्वारा की जाती है?

उत्तर: यह कृषक की क्षमता पर निर्भर करती है। वह कुछ किलो से लेकर टनों गोबर की बिक्री कर सकता है। समिति उसे खरीदने के लिए बाध्य है।

प्रश्न 03. क्या इस हेतु गोठान में पंजीयन कराना जरूरी है?

उत्तर: नहीं, पर सम्बंधित कृषक को उसी पँचायत का होना जरूरी है।

फोटो गैलरी

*इस योजना से सम्बंधित अन्य प्रश्नों को कमेंट बॉक्स (Comment Box) के माध्यम से पूछें।


REFERENCE

01. Google Translate URL.

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