पर्यावरण दिवस में इस राज्य में गोठानों (बाड़ियों) में किया गया वृक्षारोपण

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भूमिका

5 जून विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष 2020 में 5 जून शुक्रवार के शुभ दिन पड़ रहा है। हालाँकि पहली बार यह सन् 1974 को मनाई गई थी। इंग्लिश में इसे WED के नाम से भी जाना जाता जो World Environment Day (वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे) का संक्षिप्त रूप है।

इसकी भूमिका विश्व में पर्यावरण संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता के प्रति बहुत ही महत्वपूर्ण है।

उद्देश्य

विश्व पर्यावरण दिवस मनाये जाने का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण से है, जो पूरी दुनिया में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलता है।

इसका उद्देश्य केवल वर्तमान पीढ़ी को ही पर्यावरण के प्रति जागरूक करना नहीं है, अपितु आने वाली मानव पीढ़ी भी इस परम्परा का पालन करते हुए इसे वर्तमान सभ्यता के अंतिम चरण तक जीवित रखें, यही इसका ध्येय है।

इसके प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं,

  • सूक्ष्म जलवायु संरक्षण।
  • वायु संरक्षण।
  • जल संरक्षण।

सूक्ष्म जलवायु संरक्षण

हमारे आसपास की जलवायु जहाँ हम रहते हैं वह सूक्ष्म जलवायु है। सूक्ष्म जलवायु (micro climate) ही वृहद अथवा वैश्विक जलवायु का निर्माणकारी अंश है। स्वछ जलवायु आज वैश्विक माँग बन चुकी है। इनका संरक्षण ही वृहद स्तर पर सम्पूर्ण पर्यावरण को संतुलित रखती है।

सूक्ष्म जलवायु जैसी महत्वपूर्ण बिन्दु को ध्यान में रख कर ही गोठानों में पौध रोपण कराना एक मुख्य उद्देश्य है।

वायु संरक्षण

व्यापक स्तर पर प्रदूषित हो चुके वायु के संरक्षण के प्रयास कई दशकों से चली आ रही है। इतने प्रयासों के बाद भी वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ता ही जा रहा है। इसका प्रमुख कारण है वनस्पति का हास्। इस परिपेक्ष्य में पर्यावरण दिवस हमें वनस्पतियों के संरक्षण का संदेश देती है।

जल संरक्षण

जल संरक्षण में दो बातें महत्वपूर्ण हैं,

  1. जल को दूषित होने से बचाना।
  2. भू-जल स्तर को मानक स्तर पर बनाये रखना।

इनमें दूसरी बिंदु भी पहली बिंदु के समान ही महत्वपूर्ण है। भू-जलस्तर का प्रत्यक्ष सम्बंध कृषि कार्यों से है। भू-जल को मानक स्तर पर बनाये रखने में वनस्पति महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यहाँ भी यह बात सिद्ध होती है कि प्रकृति के संरक्षण की महती आवश्यकता है।

महत्व

पर्यावरण दिवस का सीधा सम्बंध पर्यावरण से है, और पर्यावरण का सीधा सम्बंध वनस्पति से है। वनस्पतियों में सबसे महत्वपूर्ण गाँव, शहर और जंगलों में पाये जाने पेड़-पौधे हैं। प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष से इन वनस्पतियों को होने वाली हानि का सीधा दुष्प्रभाव आसपास के वातावरण और समेकित रूप से विश्व जलवायु (पर्यावरण) को होता है।

किन देशों में मनाया जाता है?

पर्यावरण दिवस एक वैश्विक स्तर का त्यौहार है। यह विश्व के प्रत्येक देश में 5 जून के दिन मनाया जाता है। हमारे देश में यह शिक्षण संस्थानों एवं अन्य सरकारी विभागों के माध्यम से मनाई जाती है।

किस राज्य में गोठानों में मनाई जा रही है पर्यावरण दिवस?

छत्तीसगढ़ सरकार की वर्तमान सरकार के मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी द्वारा किसानों की हितों के लिए गोठान विकास से सम्बंधित योजना, नरवा गरवा घुरवा बारी (Narwa Varta Ghurwa Bari) लाई गई थी। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले के सभी विकासखण्डों में निम्नतम 5 – 10 गोठानों का निर्माण किया जा चुका है।

इन गोठानों में कृषि और इससे सम्बंधित सभी विभागों के कुछ न कुछ योजनाओं का संचालन किया जाता है।

गोठानों का महत्व बनाये रखने के लिए समय-समय पर किसान और प्रकृति से सम्बंधित योजना एवं एवं त्योहारों का आयोजन इन गोठानों में किया जाता है। और इसी क्रम में आज 5 जून 2020 अर्थात पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ के सभी गोठानों में पर्यावरण से सम्बंधित यह त्यौहार मनाई जा रही है।

इस कार्यक्रम में निम्न गतिविधियाँ शामिल होती हैं:

  • भूमि पूजन।
  • गढ्ढ़े की खुदाई।
  • पौध रोपण।

गोठान में वृक्षारोपण का उद्देश्य एवं महत्व

  • गाँव में हरियाली बढ़ाना।
  • जागरूकता बढ़ाना।

गाँव में हरियाली बढ़ाना

हालाँकि गाँव अपने हरे-भरे वातावरण के लिये जाने जाते है, तथापि फलदार पौधों के माध्यम से कृषकों को आय का अतिरिक्त माध्यम प्रदान करना उद्यानिकी (Horticulture) विभाग का प्रथम उद्देश्य है, और इसके साथ ही हरियाली प्रसार का लक्ष्य भी स्वयंमेव ही पुर्ण हो जाता है।

जागरुकता बढ़ाना

गोठानों के माध्यम से पर्यावरण और पर्यावरण दिवस के प्रति जागरूकता बढ़ाना एक बहुत ही अच्छी पहल है। एक परम्परा के रूप में प्रतिवर्ष गोठानों में पर्यावरण दिवस का मनाया जाना ग्रामवासियों में जागरूकता फैलाने हेतु बहुत ही महत्वपूर्ण है।

गोठान और पर्यावरण दिवस से सम्बंधित महत्वपूर्ण प्रश्न

प्रश्न 01- गोठान क्या है?

उत्तर: गोठानों का निर्माण और विकास छत्तीसगढ़ सरकार की एक बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है। यह कृषकों के विकास से सम्बंधित योजना है। इस योजना के अंतर्गत कृषि गतिविधियों से सम्बंधित चार विभागों को सम्मिलित किया जाता है। इनमें कृषि विभाग, उद्यान विभाग, मतस्य पालन विभाग और पशुपालन विभाग प्रमुख हैं।

गोठानों और ‘नरवा गरवा घुरवा बारी’ के बारे में जाने के लिए यहाँ जाएँ।

प्रश्न 02- कहाँ पर की जाती है पौध रोपण?

उत्तर: सम्बंधित गोठान ग्राम के बाड़ियों में पौध रोपण का कार्य किया जाता है। इन बाड़ियों का चयन और विकास उद्यान विभाग के द्वारा किया जाता है। चिन्हित बाड़ियों में ही पौध रोपण किया जाता है।


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बाड़ी में सब्जी फसलें

बाड़ी में वृक्षारोपण (5 जून विश्व पर्यावरण दिवस)


TAGS: Gothan (गोठान). नरवा गरवा घुरवा बारी, Department of Horticulture, Chhattisgarh.


REFERENCE

  1. Wikipedia. World Environment Day.

RECENT POSTS

(1). Department of Fisheries: Schemes of Small, Marginal and Big Farmers.

(2). Senior Horticulture Development Officer: Eligibility, Work and Salary.

(3). Assistant Director of Horticulture: Eligibility, Work, Salary.

(4). JRF Multiple Choice Questions and Answers.

(5). Shakambhari Yojana: शाकम्भरी योजना।


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